Concepts- Bi-serial, point bi-serial- partial and multiple correlation, tetra choric, Phi-coefficient, Contingency coefficient.
ब्लॉग को like और subscribe जरूर करे ।1. बाई-सीरियल सहसंबंध (Bi-serial Correlation)
· परिभाषा: जब एक चर कृत्रिम रूप से द्वैधी हो और दूसरा सतत हो, तब इस प्रकार का सहसंबंध मापा जाता है।
· उदाहरण: विद्यार्थियों की परीक्षा में सफलता (पास/फेल) और उनकी बुद्धि लब्धि (IQ स्कोर) के बीच संबंध।
· प्रमुख बिंदु:
· द्वैधी चर को कृत्रिम रूप से दो भागों में विभाजित किया गया हो।
· Pearson correlation जैसा होता है लेकिन विशेष सूत्र प्रयोग होता है।
2. पॉइंट बाई-सीरियल सहसंबंध (Point Bi-serial Correlation)
· परिभाषा: जब एक चर वास्तविक द्वैधी हो और दूसरा सतत हो, तब इसका उपयोग किया जाता है।
· उदाहरण: लिंग (पुरुष/महिला) और अंक प्राप्ति (मार्क्स) के बीच संबंध।
· प्रमुख बिंदु:
· द्वैधी चर वास्तविक हो (जैसे जन्म आधारित)।
· Pearson correlation का ही विशेष रूप है।
3. आंशिक सहसंबंध (Partial Correlation)
· परिभाषा: जब दो चर के बीच संबंध को मापा जाता है, जबकि तीसरे चर का प्रभाव हटा दिया जाता है।
· उदाहरण: बुद्धि और शैक्षिक उपलब्धि के बीच संबंध, लेकिन SES का प्रभाव निकाल दिया जाए।
· प्रमुख बिंदु:
· यह 'शुद्ध' संबंध बताता है।
· तीसरे चर का नियंत्रण करके देखा जाता है।
4. बहुवचन सहसंबंध (Multiple Correlation)
· परिभाषा: जब एक निर्भर और दो या अधिक स्वतंत्र चर हों।
· उदाहरण: शैक्षिक उपलब्धि पर बुद्धि, प्रेरणा और उपस्थिति का संयुक्त प्रभाव।
· प्रमुख बिंदु:
· एक निर्भर और अनेक स्वतंत्र चर।
· R (multiple correlation coefficient) द्वारा मापा जाता है।
5. टेट्राकोरिक सहसंबंध (Tetrachoric Correlation)
· परिभाषा: जब दोनों चर कृत्रिम रूप से द्वैधी हों और वास्तव में सतत हों।
· उदाहरण: बुद्धि और अभिवृत्ति को “उच्च/निम्न” में बाँटने पर।
· प्रमुख बिंदु:
· दोनों चर कृत्रिम रूप से द्वैधी हों।
· यह सहसंबंध का अनुमानात्मक मापन देता है।
6. फाई गुणांक (Phi Coefficient)
· परिभाषा: जब दोनों चर वास्तविक द्वैधी हों।
· उदाहरण: लिंग (पुरुष/महिला) और पास/फेल की स्थिति।
· प्रमुख बिंदु:
· द्वैधी डेटा के लिए Pearson correlation का विशिष्ट रूप।
· 2x2 कंटिंजेंसी टेबल पर आधारित होता है।
7. कंटिंजेंसी गुणांक (Contingency Coefficient)
· परिभाषा: जब दोनों चर नामात्मक हों।
· उदाहरण: धर्म और पसंदीदा विषय के बीच संबंध।
· प्रमुख बिंदु:
· नामात्मक डेटा के लिए प्रयुक्त।
· C = √(χ² / (χ² + N)) सूत्र का प्रयोग होता है।
आप कौन सा टॉपिक चाहते हैं?
कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।
हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि आपको NEXT day टॉपिक available करवाया जाए।