हिंदी लेखन सुधार कैसे करें?
(भाग-1)
भारत में हिंदी भाषा जो कि उत्तर भारत में सर्वाधिक लोकप्रिय है। ज्यादातर सरकारी कार्य में हिंदी भाषा का बोलबाला है। जब भी विद्यार्थी किसी परीक्षा में बैठता है और प्रश्न पत्र का उत्तर देता है उस समय हिंदी भाषा की लेखन शैली आपको अधिक अंक दिलाने में अपना महत्वपूर्ण रोल अदा करती है। अगर लेखन शैली स्पष्ट, शुद्ध एवं पढ़ने योग्य ना हो तो परीक्षा लेने वाला अध्यापक आपकी भाषा शैली न बढ़ पाने के कारण या शुद्ध ना होने के कारण सही अंक देने में अपने आप को असमर्थ समझता है। कुछ परिस्थितियों में तो ऐसा भी पाया गया है की आप द्वारा प्रश्नों के उत्तर सही लिखे गए लेकिन लेखन शैली इतनी अशुद्ध, अस्पष्ट होने के कारण अध्यापक उसको सही ढंग से समझ नहीं पाता है और आप के अंक काट लेता है। परिस्थिति कोई भी हो लेकिन इसमें विद्यार्थी का ही नुकसान होता है इस नुकसान को कैसे कम किया जाए? इसी को ध्यान में रखते हुए हिंदी की देवनागरी लिपि को शुद्ध तरीके से कैसे लिखा जाए? या लेखन सुधार कैसे किया जाए? इस पर कुछ क्रियात्मक कार्य करेंगे। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं अगर आप द्वारा मेरे इस क्रियात्मक कार्य को रोजाना अभ्यास किया जाएगा तो निश्चित ही आपको 1 सप्ताह में रिजल्ट सामने दिखाई देंगे और 1 महीने में आपके लेखन में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिलेगा।
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Dr. D R BHATNAGAR

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